(१) इस प्रोग्रामिंग भाषा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमे उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा के समस्त गुण तो है ही, साथ ही इसमे निम्न स्तरीय भाषा के समस्त गुण पाए जाते है। उच्च स्तरीय भाषाएं फ़ोरट्रान, कोबोल भी है लेकिन इसमे निम्न स्तरीय भाषा के गुण नही पाए जाते।
(२) इस प्रोग्रामिंग भाषा मे तैयार किये गये प्रोग्राम की गति अपेक्षाकृत तीव्र होती है। यह ० से १५००० तक गिनने मे लगभग एक सेकण्ड का समय लगाती है जबकि बेसिक मे इस कार्य मे लगभग ५० सेकण्ड लगते है।
(३) ’सी’ प्रोग्रामिंग भाषा मे प्रोग्राम मे प्रयोग करने हेतु अनेक functions परिभाषित होते है परन्तु इसमे एक अतिरिक्त सुविधा यह भी है कि प्रोग्रामर अपनी आवश्यकतानुसार नए functions भी परिभाषित कर सकता है।
(४) इसमे मात्र ३२ की शब्दों का प्रयोग होता है इसके साथ ही इसमे अनेक अन्य सहायक प्रोग्राम भी होते है जिसकी सहायता से जटिल functions भी सफलतापूर्वक किए जा सकते है।
(५) यह मुख्यत: गणित, विज्ञान एवं सिस्टम संबंधित कार्यो के काम आती है।
(६) इस भाषा मे निर्देश देते समय lower case letters का ही प्रयोग किया जाता है।
उपरोक्त विशेषताओ के कारण ही ’सी’ एक अत्यधिक लोकप्रिय कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा है।
(२) इस प्रोग्रामिंग भाषा मे तैयार किये गये प्रोग्राम की गति अपेक्षाकृत तीव्र होती है। यह ० से १५००० तक गिनने मे लगभग एक सेकण्ड का समय लगाती है जबकि बेसिक मे इस कार्य मे लगभग ५० सेकण्ड लगते है।
(३) ’सी’ प्रोग्रामिंग भाषा मे प्रोग्राम मे प्रयोग करने हेतु अनेक functions परिभाषित होते है परन्तु इसमे एक अतिरिक्त सुविधा यह भी है कि प्रोग्रामर अपनी आवश्यकतानुसार नए functions भी परिभाषित कर सकता है।
(४) इसमे मात्र ३२ की शब्दों का प्रयोग होता है इसके साथ ही इसमे अनेक अन्य सहायक प्रोग्राम भी होते है जिसकी सहायता से जटिल functions भी सफलतापूर्वक किए जा सकते है।
(५) यह मुख्यत: गणित, विज्ञान एवं सिस्टम संबंधित कार्यो के काम आती है।
(६) इस भाषा मे निर्देश देते समय lower case letters का ही प्रयोग किया जाता है।
उपरोक्त विशेषताओ के कारण ही ’सी’ एक अत्यधिक लोकप्रिय कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा है।

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