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Wednesday, April 29, 2015

अर्थ डे' को समर्पित गूगल का डू़डल

बुधवार को अर्थ डे अर्थात पृथ्वी दिवस है। इस दिन ऊर्जा संरक्षण का संदेश देने के लिए दुनिया भर में रात आठ से नौ बजे तक बिजली रख कर अर्थ ऑवर मनाया जाता है। इस दिन की महत्ता को समझते हुए सर्च इंजन गूगल ने अपने होम पेज पर एक प्यारा सा डूडल बनाया। दुनिया के करीब 184 देशों में इस सन्देश को आगे ले जाने के लिए काम होता है। अर्थ डे एक सालाना आयोजन है, जो हर साल दुनियाभर में 22 अप्रैल को मनाया जाता है।

वैसे 22 अप्रैल का पृथ्वी से सीधे-सीधे कोई लेना-देना नहीं है। 1969 में सान्ता बारबरा (कैलिफोर्निया) में बड़े पैमाने पर बिखरे तेल से आक्रोशित विद्यार्थियों को देखकर अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेलसन के दिमाग में इस आक्रोश को पर्यावरणीय सरोकारों की तरफ मोड़ देने का ख्याल आया।

नेलसन, विसकोंसिन से अमेरिकी सीनेटर थे। उन्होंने इसे देश को पर्यावरण हेतु शिक्षित करने के मौके के रूप में लिया। उन्होंने इस विचार को मीडिया के सामने रखा। अमेरिकी कांग्रेस के पीटर मेकेडलस्की ने उनके साथ कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता की। डेनिस हैयस को राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया।

दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने छह वर्णो यानी 'जी', 'ओ', 'ओ', 'जी', 'एल', व 'ई' को पूरी तरह पर्यावरण के रंगों में रंग दिया। गूगल ने अपने दूसरे 'ओ' के स्थान पर नीले गृह यानी पृथ्वी को दर्शाया। यही नहीं उसे अपनी धुरी पर लगातार घूमते भी दिखाया। इसके अलावा गूगल के बाकी वर्णो में अंतरिक्ष, वनस्पतियों व अन्य वन्य जीव-जंतुओं को उकेरा।

Monday, April 27, 2015

कोलकाता: वाटर पार्क में महिलाओं के चेंजिंग रूम

कोलकाता के सबसे बड़े वाटर पार्क ‘एक्वाटिका’ में महिलाओं के चेंजिंग रूम में सीसीटीवी लगे होने के मामले में प्रबंधक समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मंगलवार को इस वॉटर पार्क में फॉरेंसिक एक्सपर्ट दौरा करेंगे.
दक्षिणी चौबीस परगना जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिजीत सिन्हा ने बताया कि ये गिरफ्तारियां रविवार रात की गईं. इससे पहले दिन में वाटर पार्क आने वाली और चेंजिंग रूम का इस्तेमाल करने वाली कुछ महिलाओं ने इस बारे में शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि चेंजिंग रूम और पार्क के विभिन्न हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों को जब्त कर लिया गया है.

पुलिस ने बताया, 'रविवार को मैनेजर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. इन्हें कोर्ट के सामने पेश किया गया और कोर्ट ने इन्हें सोमवार से चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. छह बाउंसर और एक अन्य कर्मचारी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया.'


पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए बाउंसर पर महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप हैं. वहीं, गिरफ्तार किया गया कर्मचारी कथि‍त रूप से चेंजिंग रूम में कैमरों को इंस्टॉल करने में शामिल था.

एक्वाटिका के सीईओ मंशु टंडन ने बताया, 'पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन हम यह बताना चाहते हैं कि जैसा कि कहा जा रहा है किसी तरह से भी निजता का उल्लंघन नहीं किया गया है, क्योंकि सीसीटीवी महिलाओं के चेंजिंग रूम में नहीं लगे थे.'

उन्होंने कहा कि पार्क में महिलाओं और पुरुषों के लिए दो अलग-अलग लॉकर्स और अलग-अलग चेंजिंग रूम हैं. हालांकि पार्क के अधिकारियों ने पुरुषों के लिए बने लॉकर्स और चेंजिंग रूम को बदलकर महिलाओं के लिए कर दिया था, क्योंकि महिलाओं के चेंजिंग रूम और लॉकर्स रूम में रेनोवेशन का काम चल रहा है.

उन्होंने बताया कि पुरुषों के लिए बने लॉकर्स रूम में सीसीटीवी कैमरे लगे थे और जब इस रूम को महिलाओं के लिए तय कर दिया गया तब भी ये कैमरे चलते रहे, क्योंकि कर्मचारी इन्हें बंद करना भूल गए थे.

टंडन ने कहा कि सीसीटीवी कैमरा करीब डेढ़ घंटे तक चलता रहा, लेकिन जब यह बात सामने आई तो इसे बंद कर दिया गया. यह घटना, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा गोवा के फैब इंडिया शोरूम के चेंजिंग रूम में सीसीटीवी कैमरा लगे होने की शिकायत किए जाने की घटना के कुछ ही दिन बाद हुई है.

Tuesday, April 21, 2015

फेसबुक यूज करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर

फेसबुक का इस्तेमाल करने से आपके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है या इसके लक्षण को और भी खराब कर सकता है। एक शोध के अनुसार में यह बात कही गई है। साथ ही शोध में फेसबुक को ध्यान से इस्तेमाल करने की बात भी कही गई है।
शोध में शामिल लोगों का कहना था कि फेसबुक प्रोफाईल होने से उनको अपनी पहचान बनाने में मदद मिलीं साथ ही मानसिक बीमारी से भी उभर पाए वहीं कुछ का कहना था कि फेसबुक का इस्तेमाल करने से उनकी हालत और भी खराब हुई।
एक कार्यक्रम में रिसर्चर कीलिन होवार्ड ने कहा कि फेसबुक का इस्तेमाल करने से या तो सि्थ्ित में सुधार आ सकता है या इसका बुरा असर पड़ सकता है।
यह रियर्च 20 लोगों पर 23 से 68 उम्र के बीच वालों पर किया गया जो शिकीजोफेरिनिया, बाईपोलर डीसआर्डर और डीप्रैशन और एनशाईटी जैसी बीमारी से गुजर चुकें हैं।
हलांकि, समय के साथ बहुत से लोग फेसबुक का बुद्दिमानी से इस्तेमाल करना भी सीखे।रिसर्च में शामिल सभी प्रतिभागियों ने अनुभव होने पर फेसबुक का इस्तेमाल बड़े अच्छे ढंग से किया।

हफ्ते में 50-60 घंटे काम करते हैं फेसबुक संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग

फेसबुक यूज़र्स के लिए मंगलवार को सुखद अनुभव रहा कि उन्हें फेसबुक संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग से सवालों के जवाब मिले। एक घंटे के Q&A सेशन में मार्क के जवाबों को बड़ी संख्या में लोगों ने लाइक किया। मार्क ने मशहूर पॉप गायिका शकीरा और वर्जिन ग्रुप के संस्थापक रिचर्ड ब्रैनसन जैसे सेलेब्रिटी समेत कुल 16 लोगों के सवालों के जवाब दिए।

मार्क ज़ुकरबर्ग से पूछा गया कि फेसबुक पर डिसलाइक बटन कब शुरू होगा तो उन्होंने इस सवाल की अनदेखी की। मार्क से एक सवाल किया गया कि वे हफ्ते में कितने घंटे काम करते हैं। इस पर उनका जवाब था- "अगर आप ऑफिस की बात कर रहे हैं तो मैं हफ्ते में 50 से 60 घंटे वहां रहता हूं। हां अगर आप काम पर फोकस के बारे में कहे तो उसे तो आप मेरा पूरा जीवन काल ही कह सकते हैं।" उनके निजी जीवन के संबंध में भी सवाल पूछे गए। किसी ने मार्क से यह पूछा कि वे अक्सर ग्रे कलर की शर्ट पहनते हैं, क्या दूसरे रंग उन्हें पसंद नहीं आते? किसी ने उनके कुत्ते के बारे में सवाल पूछा। मार्क से ये भी पूछा गया कि फेसबुक का भविष्य वो कैसा देखते हैं?

मशहूर गायिका शकीरा ने मार्क से सवाल किया, "आप हमें यह बतायें कि वंचित समुदाय के लोगों को शिक्षा देने के लिए टेक्नोलॉजी को किस तरह उपयोगी उपकरण की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है? इस सवाल का जवाब मार्क ने दिया- "यह सवाल पूछने के लिए आपका धन्यवाद। मैं व्यक्तिगत सीखने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। तकनीक का इस्तेमाल अगर व्यक्तिगत शिक्षा के लिए हो, तो बहुत अच्छा रहता है। आजकल कई ऐसे महान स्कूल हैं, जहां टेक्नोलॉजी के जरिये अलग तरह की शिक्षा देने की कोशिश हो रही है। मैं खुद भी इसके लिए प्रयासरत हूं। फेसबुक के जरिये भी सॉफ्टवेयर ऐसे टूल के निर्माण में मदद कर रहा है।"

रिचर्ड ब्रैनसन ने मार्क से यह सवाल किया- "दुनिया के वैसे दो तिहाई लोग जिनके पास इंटरनेट की पहुंच नहीं है, उनके साथ संबंध बनाना कितना कठिन है? इस संबंध में मैं आपकी राय जानना चाहता हूं?"

मार्क ने जवाब में लिखा, "आज जब हम बात करते हैं पूरी दुनिया को जोड़ने की, तो लोग उनके फायदे शिक्षा, स्वास्थ्य और कैरियर से जोड़कर देखते हैं। लेकिन एक चीज को हम भूल जाते हैं और चर्चा में उसपर ध्यान नहीं देते हैं कि जो पहले से कनेक्टेड है वह दूसरों के साथ जुड़ने का फायदा उठा रहे हैं। जरा उनके बारे में सोचें, जिनके पास पूरी दुनिया को बदलने के लिए महान विचार और आइडिया हैं। अगर हम जनसंख्या को पैमाना मानें, तो ऐसे लोगों की दो तिहाई आबादी के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, लेकिन जैसे ही वे कनेक्टेड होंगे, पूरी दुनिया को इसका फायदा मिलेगा।"

ट्रेन है या विमान! एक घंटे में 603 किमी की रफ्तार

क्या ऐसा संभव हो सकता है कि दिल्ली और मुंबई के बीच 1400 किलोमीटर की दूरी को ट्रेन के ज़रिए सिर्फ सवा दो घंटे में नाप दिया जाए। आप कहेंगे, दोनों शहरों के बीच की दूरी तो इतने वक्त में विमान से तय होती है। लेकिन जनाब ट्रेन के ज़रिए भी इतनी दूरी नापना संभव है। दुनिया की सबसे तेज़ रफ्तार मैग्लेव ट्रेन ने मंगलवार को जापान में 603 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़कर सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह टेस्‍ट रन टोक्यो और सेंट्रल सिटी नागोया के बीच मैग्‍लेव ट्रेन चलाने के लिए किया गया। यह सेवा 2027 तक शुरू करनी है। टोक्‍यो और नागोया के बीच की दूरी 280 किलोमीटर है। इससे दोनों शहरों के बीच 280 किलोमीटर की दूरी घटकर 40 मिनट रह जाएगी। अभी इसमें 80 मिनट से ज्यादा वक्त लगता है। जापान इस प्रोजेक्ट पर 100 अरब डॉलर खर्च कर रहा है।

मैग्‍नेटिक पावर से ट्रैक से दस सेंटीमीटर ऊपर रह कर चलने वाली इस ट्रेन का टेस्ट रन टोक्यो के दक्षिण में लगभग 80 किमी दूर माउंट फिजी के पास किया गया।

जापान में इस तकनीक पर पिछले 10 साल से काम हो रहा है। मेग्लेव ट्रेन सामान्य तौर पर 400 से 500 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से चलाई जा सकती हैं। पूरी तरह इलेक्ट्रोमेग्नेटिक सस्पेंशन पर काम करती है। इसमें कोई इंजन नहीं होता। इंजन की जगह एक कंट्रोल सिस्टम होता है। यह मैग्नेटिक ट्रैक और मैग्नेटिक गाइडेड दीवारों के सहारे ऑपरेट होता है। मैग्नेटिक ट्रैक और मैग्नेटिक गाइडेड वॉल ट्रेन के डिब्बों को हवा में 1 से 4 इंच तक ऊपर उठा देती हैं। इससे मेग्लेव ट्रेन में आम ट्रेनों की तरह फ्रिक्शन नहीं होता। फ्रिक्शन नहीं होने से ट्रेन की रफ्तार बढ़ती चली जाती है। ट्रेनों के आसपास गाइडेड दीवारों में इस तरह का मैग्नेटिक फील्ड तैयार होता चला जाता है कि ट्रेन आगे बढ़ जाती है।

बोइंग-777 विमान की अधिकतम रफ्तार 562 मील/घंटा या 905 किमी/घंटा होती है। मैग्लेव ट्रेन ने बोइंग की दो तिहाई रफ्तार तो मैग्नेटिकट ट्रैक पर हासिल कर ली है।

खुशखबरी! मारुति आल्‍टो की कीमत पर मिलेगी यह शानदार कार

अगर आप हाल ही में छोटे बजट की कार खरीदने की सोच रहे हैं और आपका बजट इसकी इजाजत नहीं दे रहा है तो शायद यह खबर आपके लिए खुशखबरी लेकर आ सकती है। जापान की कार निर्माता कंपनी निसान डटसन भारतीय बाजार में सस्‍ती कार लाने जा रहा है।


खबर के अनुसार, मारुति को टक्‍कर देने के लिए डटसन ने एक छोटी और सस्‍ती कार बाजार में पेश की है जिसकी कीमत 2.5 लाख रुपये हो सकती है। यह कार रेनो-निसान अलायंस वाले सीएमएफ-ए प्लेटफॉर्म पर बनी है। इसमें बॉडी डिजाइन डटसन रेडी-गो कंसेप्ट वाला दिया गया है। भारत में यह कार मारुति अल्टो तथा ह्युंडई जैसी कारों को चुनौती देगी।
निसान डटसन की यह कार भारत में ही तैयार की जा रही है। लोकल पार्टस और कंपोनेंट्स काम में लिए जाने के कारण इसकी कीमत कम होगी। कंपनी के मुताबिक इसे रेनो-निसान अलायंस की चेन्नई स्थित मैन्युफेक्चरिंग प्लांट पर ही बनाया जा रहा है। निसान के मुताबिक, भारतीय बाजार में ये कार अगले 18 महीनों में उपलब्ध होगी। फिलहाल इसकी टेस्टिंग की जा रही है। कंपनी ने निसान डटसन रेडी गो का डिजाइन हाल ही में पेश किया है। साथ ही एक कार तैयार की गई है।

डटसन की इस छोटी कार का बेसिक मॉडल केवल 4 हजार डॉलर यानि तकरीबन 2.5 लाख रुपए में उपलब्ध करवाया जाएगा, जबकि इसका टॉप मॉडल 5 हजार डॉलर यानि 3 लाख रुपए में उपलब्ध होगा।

Monday, April 20, 2015

व्हाट्सएप के इस मैसेज को क्लिक ना करें

यदि आपको भी आपके फोन में मौजूद इंस्टेंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप पर कॉलिंग फीचर को इस्तेमाल करने आ मैसेज आ रहा है तो कृप्या इसे ना खोलें। यह महज एक धोखा है।
हाल ही में मिली एक सूचना के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप यूजर्स को व्हाट्सएप के फ्री कॉलिंग फीचर को उपयोग करने के लिए मैसेज के द्वारा निमंत्रण भेजा जा रहा है। यह कंपनी द्वारा भेजा जा रहा कोई आधिकारिक मैसेज नहीं बल्कि कुछ हैकर्स द्वारा भेजा रहा मालवेयर यानी कि एक प्रकार का वायरस है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक यदि मैसेज में भेजे गए लिंक पर आप क्लिक करते हैं तो यह लिंक आपको एक वेबसाइट पर ले जाएगा। इस वेबसाइट पर आपको एक सर्वे पूरा करने का न्योता दिया जाएगा, लेकिन इसमें भी एक गड़बड़ी है। इस सर्वे के जरिये यह वेबसाइट आपको विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने को कहती है जो हानिकारक मालवेयर से युक्त हैं।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि अभी तक आधिकारिक तौर पर व्हाट्सएप द्वारा अपना फ्री कॉलिंग फीचर यूजर्स को मुहैया नहीं कराया गया है। हां यह फीचर पिछले महीने ही कुछ यूजर्स तक जरूर पहुंचाया गया था लेकिन कंपनी ने उसे केवल टेस्टिंग का जरिया बनाते हुए प्रदान किया था।
फिलहाल अभी यह फीचर किसी भी भारतीय व्हाट्सएप यूजर को नहीं मिला है। कंपनी द्वारा भी इस फीचर को कब तक भारत में प्रदान कर दिया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं मिली है।
दिल्ली पुलिस की ‘हिम्मत’ अब व्हाट्सएप, हाइक पर
अभी कैसे पाएं व्हाट्सएप कॉलिंग फीचर

बाजार में आने वाले हैं माइक्रोसॉफ्ट के दो जबरदस्त फोन

बजट स्मार्टफोन के व्यापार में माइक्रोसॉफ्ट ने एक नया कदम बढ़ाते हुए दो नए डिवाइस की घोषणा की है। ये हैं माइक्रोसॉफ्ट लूमिया 640 और 640 XL। कंपनी ने इनकी घोषणा बार्सिलोना में हुए 'वर्ल्ड मोबाइल कांग्रेस 2015' में की है।
चलिए हम आपको बताते हैं कि इन दोनों फोन्स में कंपनी ने इस बार क्या नया किया है। दोनों फोन्स में कुछ खूब ऐसी हैं जो दोनों में कॉमन हैं। दोनों डिवाइस देखने में अच्छे लगते हैं और दोनों ही फोन्स का डिज़ाइन भी अच्छा है। लूमिया 640 8.8mm चौड़ा है और इसका वजन 145 ग्राम है जबकि लूमिया 640 XL 9mm चौड़ा है और लूमिया 640 से 25 ग्राम ज्यादा भारी है। साथ ही यह फोन डूअल सिम भी है।

माइक्रोसॉफ्ट 640 में 5 इंच का IPS डिस्प्ले है जिसका रिज़ॉल्यूशन 720 पिक्सल है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट 640 XL में 5.7 इंच का डिस्प्ले है जिसका रिजॉल्यूशन 720p है। दोनों डिवाइसेस में गोरिल्ला ग्लास 3 प्रॉटेक्शन दिया गया है। दोनों फोन में ही 1.2GHz quad-core Snapdragon प्रोसेसर, 1GB RAM दिया गया है।

माइक्रोसॉफ्ट 640 और 640 XL दोनों को ही विंडोज 10 तक अपग्रेड किया जा सकता है। साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का 365 का एक साल का सब्सक्रिप्शन है। दोनों फोन में 8 GB का इंटरनल स्टोरेज है जिसे 128 GB तक बढ़ाया जा सकता है।

हां, एक खास बात कैमरे से जुड़ी हुई। माइक्रोसॉफ्ट 640 XL के कैमरे में एक बड़ा अपग्रेड किया गया है। इसमें है 13MP का बैक कैमरा कार्ल जीस ऑप्टिक्स के साथ और 5 MP का फ्रंट कैमरा जबकि दूसरे फोन, माइक्रोसॉफ्ट 640 में पहले की ही तरह 8मेगापिक्सल का बैक कैमरा और 1मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसकी बैटरी लाइफ काफ़ी अच्छी है। माइक्रोसॉफ्ट ने 640 में 2500 mAh की बैटरी और 640 XL में 3000 mAh बैटरी रखी है।

अगर आप फोन के रंगों को लेकर काफी एक्सपेरिमेंटल मूड में रहते हों तो आपको इसमें चुनने के लिए कई रंगो के विकल्प मिलेंगे। जैसे, ऑरेंज, ब्लैक, मैट वाइट, ग्लॉसी वाइट। अब अगर कीमत की बात करें तो माइक्रोसॉफ्ट के लूमिया 640 की कीमत है लगभग 10,000 रुपए जबकि माइक्रोसॉफ्ट 640 XL की कीमत लगभग 13,000 रुपए है।

जल्‍द ही वाई-फाई से लैस होगी दिल्‍ली, एनडीएमसी ने शुरू किया प्रोजेक्‍ट

आप सरकार की योजना के साथ नई दिल्ली नगर निगम ने अपनी निगरानी में पूरे क्षेत्र को फ्री वाई-फाई जोन में बदलने का निर्णय लिया है, और इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है।
सिविक एजेंसी ने अपने एरिया में मौजूद 18,500 स्ट्रीट लाइट पोल्स को नेक्स्ट जेन डिजिटल पोल से बदलने की योजना बनायी है, जिसे वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट्स, एलइडी बल्ब और सीसीटीवी कैमरे के साथ लैस किया जा सके।
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग की मौजूदगी में एनडीएमसी ने इस प्रोजेक्ट के लिए इंडस टावर्स लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया है।
पीपीपी मोड पर इस प्रोजेक्ट को लाने का खर्च 220 करोड़ रुपये का आंका जा रहा है जो तीन वर्ष में पूरा किया जाएगा।
एनडीएमसी चेयरमैन जलज श्रीवास्तव ने बताया, ‘हम रोडसाइड आधारित वाई-फाई कोरिडोर पर ही जोर दे रहे हैं। एनडीएमसी ने इसे मोतीबाग से कनॉट प्लेस तक शुरू किया है, ऐसे कोरिडोर के लिए शांतिपथ हमारी पहली कोशिश थी, फिर हमें महसूस हुआ कि हम पूरे शहर में हॉट-स्पॉट सीरीज का उपयोग करते हुए मुफ्त वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध करवा सकते हैं।’
ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा।

पढ़ने के शौकीन हैं तो अमेजन इंडिया लाया है उपहार...

पढ़ने का शौक रखते हैं आप... कई बार बेहतरीन किताबें बस महंगी होने के कारण मन मार कर छोड़ देते हैं। पर ऑनलाइन रिटेलर अमेजन इंडिया एक बेहतरीन उपहार लेकर आया है। 100 से ज्यादा किंडल इबुक्स के लिए अमेजन ने 24 से 13 अप्रैल तक 70 प्रतिशत डिस्काउंट की घोषणा की है। साथ ही ऑनलाइन रिटेलर ने किंडल स्टोर पर लोकल क्रेडिट कार्ड्स का उपयोग करने वालों के लिए अतिरिक्त पेमेंट ऑप्शन, डेबिट कार्ड्स, नेट बेंकिंग और अमेजन.इन गिफ्ट कार्ड्स की भी घोषणा की है।
24 मार्च से शुरू हो रहे इस प्लान के तहत ग्राहकों को डिस्काउंट के साथ अच्छे लेखकों की किताबें, क्लासिक, बेस्ट सेलर लिस्ट की किताबें, नॉन फिक्शन, बेस्ट-सेलिंग अंतर्राष्ट्रीय लेखकों की किताबें मिल जाएंगी।
रिटेलर ने बताया, ‘खरीदने के लिए 3 मिलियन से ज्यादा इ-बुक्स उपलब्ध तो हैं ही साथ ही, किंडल डिवाइसेज पर या टैबलेट्स, आइपैड और आइफोन, पीसी, मैक और एंड्रायड स्मार्टफोंस पर उपलब्ध मुफ्त किंडल रीडिंग एप्स से 25,000 फ्री क्लासिक्स करे कस्टमर्स डाउनलोड कर पढ़ने का आनंद ले सकते हैं।

कहीं आपके ई-मेल ट्रैक तो नहीं हो रहें

अगर कोई आपकी साइबर गतिविधियों पर नजर रखे, और आपको खबर भी न हो तो ? ये ख्याल ही आपके दिल और दिमाग को झकझोर देगा। आपको इस बात का अहसास भी नहीं होगा कि अब आपके ई-मेल्स को ट्रैक कर कोई भी यह पता लगा सकता है कि आप कहां हैं और क्या क्लिक कर रहे हैं।
जॉब तलाश रहे लोगों, ऐडवर्टाइजर्स और पब्लिक रिलेशन्स में काम कर रहे लोगों के लिए जीमेल ट्रैकिंग सर्विस ‘बनानाटैग’ के एक विडियो ऐड में कहा गया है, 'आपके कॉन्टैक्ट्स को ईमेल पहले जैसे ही दिखेंगे, लेकिन आपको पता चल जाएगा कि कब, कहां और कैसे आपका कॉन्टैक्ट आपका मेसेज खोल रहा है।'
खुशकिस्मती ये है कि इस तरह के टूल्स से निपटने के लिए ‘अग्ली ई-मेल’ नाम का एक टूल आया है, जो आपको बताता है कि कब आपका जीमेल ट्रैक हो रहा है। यह ईमेल पर आपके क्लिक करने से पहले ही काम करना शुरू कर देता है।
जब अग्ली ईमेल को इन्स्टॉल किया जाता है, तो एक छोटा आंख जैसा सिम्बल आपके उन ईमेल्स के बगल में बन जाता है जिन्हें बनानाटैग, स्ट्रीक या येसवेयर से ट्रैक किया जा रहा है।


ऐसे करें इंस्टॉल
अग्ली ई-मेल को इंस्टॉल करना आसान है। पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप गूगल क्रोम ब्राउजर इस्तेमाल कर रहे हैं।
उसके बाद क्रोम वेब स्टोर में अग्ली ईमेल ढूंढें और ऐड टु क्रोम बटन पर क्लिक करें। बस एप तैयार है।
आपके जीमेल इनबॉक्स में आने वाले सभी मेल्स पर ट्रैकिंग टूल्स की नजर से चेक किया जाएगा। अग्ली ई-मेल की टीम का दावा है कि वे और ई-मेल ट्रैकिंग सर्विसेज को अपनी लिस्ट में शामिल कर रही है।
हाल ही में अग्ली ई-मेल प्रॉडक्ट हंट में नजर आया है। अगर आप इस काम के लिए किसी ऐसी ही पुरानी सर्विस को यूज करना चाहते हैं, तो पिक्सल ब्लॉक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

24 घंटों में ऑनलाइन किराना सामान डिलीवर करेगी अमेजॉन इंडिया

अमेजॉन इंडिया ने अब ग्राहकों को रोजाना जल्द से जल्द जरूरत का सामान पहुंचाने के उद्देश्य से बेंगलुरू में किराना नाउ नामक सर्विस लांच की है, यानि अमेजॉन ने अब किराना सामान भी ऑनलाइन बेचना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईमेल पर भेजी गई एक स्टेटमेंट में अमेजॉन इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है -“हम लगातार भारतीयों के शॉपिंग और बेचने के तरीके से तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा विजन है कि भारतीय कस्टमर किसी भी वक्त, किसी भी जगह और सस्ते दामों पर हर वह चीज़ ऑनलाइन खरीद सकें, जो वे खरीदना चाहते हैं और आसानी से उसकी डिलिवरी भी पाएं। इसके साथ ही हम चाहते है कि भारत के कई छोटे और मध्यम तबके के बिजनेस को सशक्त किया जा सके। किराना नाउ ऐसी ही कोशिशों की तरफ हमारा पहला कदम है।
कहीं आपके ई-मेल ट्रेक तो नहीं हो रहे
इस स्टेटमेंट में यह भी कहा गया है, “इस सर्विस के साथ हम चाहते हैं कि हमारे उपभोक्ताओं को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए दुकानों की आसान ऐक्सेस मिल सके। यानी दुकानें उनसे सिर्फ एक क्लिक दूर हों। साथ ही किराना स्टोर्स को भी टूल और टेक्नॉलजी दी जा सकें ताकि डिजिटल इकॉनमी में उनका विकास हो।“
अमेजॉन इस सर्विस को पाइलट प्रॉजेक्ट मान रही है। यह सर्विस सिर्फ मोबाइल के जरिये उपलब्ध होगी। अमेजॉन की कोशिश है कि किराना नाउ के जरिये 2-4 घंटों में सामान डिलीवर किया जा सकें। अमेजॉन पर दूसरे सेलर्स की तरह इन विक्रेताओं की भी लिस्ट मौजूद होगी।
अमेरिका में अमेजॉन पहले से ही अमेजॉन फ्रेश नाम से ऐसी सर्विस चला रहा है। साथ ही उसने अमेजॉन एलिमेंट्सनाम से अपना एक प्राइवेट लेबल ब्रैंड भी शुरू कर दिया है। अब ये देखना खासा दिलचस्प होगा कि भारतीय ग्राहकों को किराना नाउ कितना आकर्षित कर पाती हैं।

ऑनलाइन शॉपर्स पाएंगे बिना ब्‍याज के इएमआइ

ऑनलाइन शॉपर्स जल्द ही बिना ब्याज के इएमआइ पर ऑनलाइन खरीददारी कर पाएंगे। जीहां नॉन-बैंक फिनांस कंपनी ब्याज मुक्त इंस्टॉलमेंट योजनाओं पर काम कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह इएमआइ ऑप्शन अभी केवल ईंट व गारा स्टोर्स पर उपलब्ध है।
कुछ इ-कॉमर्स साइट्स कैश ऑन डिलीवरी सर्विसेज भी ऑफर कर रहे हैं, लेकिन ज्यादातर ऑनलाइन शॉपिंग के लिए पेमेंट क्रेडिट कार्ड्स, डेबिट कार्ड या नेटबैंकिंग के द्वारा की जाती है।
ट्रांजैक्शन की सुविधा के लिए बजाज फिनांस एक पेमेंट गेटवे विकसित कर रहा है। कंज्यूमर बिजनेस के लिए बजाज फिनांस के अध्यक्ष ने कहा कि वे जीरो प्रतिशत इएमआई स्कीम के लिए बड़े इ-कामर्स साइट्स से बात कर रहे हैं।
पैनासोनिक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष शर्मा और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंसेज मैंनुफैक्चरर्स असोसिएशन ने कहा कि इ कॉमर्स कंज्यूमर्स को एनबीएफसी का इंटरेस्ट फ्री क्रेडिट फैसिलिटी देगा।

जल्‍दी करें, आज इनवाइट-फ्री उपलब्‍ध है ‘वनप्‍लस वन’

नई दिल्ली। अमेजन इंडिया ने 16जीबी और 64जीबी दोनों ही वैरिएंट्स के सीमित स्टॉक के लिए आज सेल शुरू किया है जो बिना इनवाइट के आज सुबह दस बजे से यूजर्स के लिए उपलब्ध है। स्टॉक रहने तक इसके लिए किसी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है।
अमेजन इंडिया ने बिक्री के लिए वनप्लस वन के उपलब्ध यूनिट्स के आंकड़े के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, जेकिल इसके ट्रैक रिकार्ड्स को देख रही है, और उम्मीद है कि स्मार्टफोन आउट ऑफ स्टॉक हो जाएगी।
कंपनी ने कहा, ‘64 जीबी सैंडस्टोन ब्लैक और 16 जीबी सिल्क व्हाइट वनप्लस वन के लिए आपको किसी तरह के इनवाइट की जरूरत नहीं।’ भारत में 16 जीबी वैरिएंट की कीमत 18,999 रुपये जबकि 64 जीबी वैरिएंट की कीमत 21,999 रुपये है।
ऑनलाइन रिटेलर ने पहले वनप्लस वन को बिना इनवाइट के 24 मार्च को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया था। और अब दूसरा ओपन सेल आज लगने का मतलब है कि काफी सारे स्टॉक बचा हुआ है।
वनप्लस जैसी चीनी कंपनियां डिमांड के अनुसार सीमित यूनिट्स का उत्पादन करती है।
5.5 इंच फुल एचडी डिस्प्ले वाले वनप्लस वन में 1920 गुणा 1080 पिक्सल रेजोल्यूशन, 2.5जीएचजेड क्वाड-कोर स्नैपड्रगन 801 प्रोसेसर, 3जीबी रैम, 3100 एमएएच की बैटरी है। इसके अलावा स्यानोजने ओएस 11 पर चलने वाले इस डिवाइस में 3100 एमएएच की बैटरी है।
इसके अलावा वनप्लस वन सेकेंड जेनरेशन भी आने ही वाला है।

24 घंटे फेसबुक करता है आपके अकाउंट की निगरानी

नई दिल्ली। यदि आप इंटरनेट ब्राउजिंग पर समय बिताते हैं, तो आप फेसबुक की निगरानी में हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपका फेसबुक अकाउंट है या नहीं। या फिर आपने उसपर लॉग इन किया है या नहीं।
सुनकर हैरानी जरूर होगी, लेकिन यह सच है। ब्रिटेन की एक आईटी संस्था द्वारा किए गए अध्ययन और जांच में यह बात सामने आई है कि फेसबुक हर यूजर को ब्राउजिंग के दौरान ट्रैक करता रहता है। जैसे ही आप इंटरनेट खोलते हैं, फेसबुक आपके सिस्टम में बनने वाली कुकीज के जरिए इस बात की निगरानी करने लगता है कि आप किस वेबसाइट पर जा रहे हैं? कहां क्लिक कर रहे हैं? और क्या तलाश रहे हैं?
फेसबुक क्यों करता है जासूसी
फेसबुक हर यूजर के सिस्टम में सेव हुई कुकीज फाइलों के जरिए उसकी रुचि, जरूरत और इच्छाओं के बारे में पता लगाता है। यह जानने के लिए एफबी हर यूजर की सर्च हिस्ट्री का पता भी लगाता रहता है।
जैसे ही फेसबुक को यह पता चल जाता है कि आप किस तरह की सूचनाओं को एक्सेस कर रहे हैं अथवा किसी तरह के उत्पादो के बारे में सर्च कर रहे हैं। वह आपको उन्हीं प्रोडक्ट के विज्ञापन दिखाना शुरू कर देता है।
कहने का अर्थ यह है कि फेसबुक विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन कंपनियों को अपने यूजर की डिमांड बेचता है।
क्या होती है कुकीज
कुकीज वो फाइलें होती हैं जो किसी भी यूजर द्वारा पिछली बार उपयोग किए गए इंटरनेट की हिस्ट्री को बताती हैं। जैसे ही आप कंप्यूटर पर लॉग इन करते हैं तो फेसबुक का सोशल प्लग इन्हें डिटेक्ट करता है और कुकीज फाइलें फेसबुक को भेजता है। इस तरह से आपकी निगरानी होती है।
भले ही फिर फेसबुक पर आपका अकाउंट न हो, और आपने फेसबुक पेज न खोला हो। पूरी दुनिया में फेसबुक यूजर्स की संख्या रोजाना बढ़ रही है और यह संख्या 1.5 बिलियन से ज्यादा हो चुकी है।
फेसबुक अपने प्रत्येक यूजर की हर लाइक के जरिए लगभग एक करोड़ 30 लाख वेबसाइट्स से जुड़ा है। इसमें कई हेल्थ और सरकारी वेबसाइट भी शामिल हैं।
अब ‘आत्महत्या’ को भी रोकेगा फेसबुक

हवा में तैरता रेस्त्रां

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक रेस्त्रां डिनर इन द स्काई थीम पर बनाया गया है। हवा में 150 फीट ऊपर तैरते हुए यहां मेहमानों को लजीज पकवान परोसा जाता है। इस रेस्त्रां को क्रेन से उठाया जाता है। इंटरनेशनल फोब्र्स मैगजीन ने इसे दुनिया के 10 सबसे अनयूजुअल रेस्त्रां की सूची में शामिल किया है।
यहां शरीर पर परोसते हैं खाना
यहां खाना और स्वागत में होता है अपमान

आइफोन 6 के सुरक्षा के लिए उपयोग में लाएं टेंपर्ड ग्‍लास

नई दिल्ली। आइफोंस को सबसे सुंदर और आकर्षक डिजायन वाला फोन माना जाता है। हालांकि काफी सारे आइफोन यूजर्स के लिए इसका दूसरा पहलू भी है। यह खूबसूरती कीमत से आती है, विशेष तौर पर नये आइफोन 6 के साथ तो यही है, जिसके स्क्रीन साइड से काफी पतले हैं।
अधिकांश एंड्रायड व विंडोज फोंस की तरह आइफोन 6 में भी कार्निंग गोरिल्ला ग्लास की तरह प्रोटेक्टिव कवर ग्लास नहीं है। यदि रिपोर्ट्स की मानें तो एपल आइफोन पर सफायर ग्लास लेयर चाहता था, लेकिन यह हो नहीं पाया। हां, एपल ने ‘आयन रीइन्फोर्स’ ग्लास जरूर ऑफर किया।
लेकिन आइफोन के लिए टेंपर्ड ग्लास कवर का प्रयोग उचित है।
स्टैंडर्ड प्लास्टिक स्क्रैच गार्ड के बदले आपको आपके स्क्रीन पर ग्लास का पतला लेयर इंस्टॉल मिलेगा। इससे यदि आपका फोन गिरता है तो स्क्रीन से पहले यह टेंपर्ड ग्लास का कवर टूटेगा। वैसे भी एपल स्क्रीन बदलने नहीं जा राह है हां, इसके बदले और पैसे लेकर आपके डैमेज फोन को नये वाले से जरूर बदल देगा।
क्योंकि आइफोन 6 का स्क्रीन पतला होता है, टेंपर्ड ग्लास इसके किनारों को नहीं बचा सकता। इसके लिए आपके एक केस की जरूरत पड़ेगी।
यदि आप इन दोनों एसेसरीज को लेते हैं तब आपका आइफोन काफी सुरक्षित है। लेकिन यह सुरक्षा कवच तब काम नहीं करेगा यदि आप इसे बस में से फेंकते हैं या फिर पांच मंजिली इमारत से। लेकिन यदि यह गलती से यदि ऑफिस टेबल से गिर जाता है तो आपका स्क्रीन कभी नहीं टूटेगा।

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