आप सरकार की योजना के साथ नई दिल्ली नगर निगम ने अपनी निगरानी में पूरे क्षेत्र को फ्री वाई-फाई जोन में बदलने का निर्णय लिया है, और इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है।
सिविक एजेंसी ने अपने एरिया में मौजूद 18,500 स्ट्रीट लाइट पोल्स को नेक्स्ट जेन डिजिटल पोल से बदलने की योजना बनायी है, जिसे वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट्स, एलइडी बल्ब और सीसीटीवी कैमरे के साथ लैस किया जा सके।
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग की मौजूदगी में एनडीएमसी ने इस प्रोजेक्ट के लिए इंडस टावर्स लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया है।
पीपीपी मोड पर इस प्रोजेक्ट को लाने का खर्च 220 करोड़ रुपये का आंका जा रहा है जो तीन वर्ष में पूरा किया जाएगा।
एनडीएमसी चेयरमैन जलज श्रीवास्तव ने बताया, ‘हम रोडसाइड आधारित वाई-फाई कोरिडोर पर ही जोर दे रहे हैं। एनडीएमसी ने इसे मोतीबाग से कनॉट प्लेस तक शुरू किया है, ऐसे कोरिडोर के लिए शांतिपथ हमारी पहली कोशिश थी, फिर हमें महसूस हुआ कि हम पूरे शहर में हॉट-स्पॉट सीरीज का उपयोग करते हुए मुफ्त वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध करवा सकते हैं।’
ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा।
सिविक एजेंसी ने अपने एरिया में मौजूद 18,500 स्ट्रीट लाइट पोल्स को नेक्स्ट जेन डिजिटल पोल से बदलने की योजना बनायी है, जिसे वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट्स, एलइडी बल्ब और सीसीटीवी कैमरे के साथ लैस किया जा सके।
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग की मौजूदगी में एनडीएमसी ने इस प्रोजेक्ट के लिए इंडस टावर्स लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया है।
पीपीपी मोड पर इस प्रोजेक्ट को लाने का खर्च 220 करोड़ रुपये का आंका जा रहा है जो तीन वर्ष में पूरा किया जाएगा।
एनडीएमसी चेयरमैन जलज श्रीवास्तव ने बताया, ‘हम रोडसाइड आधारित वाई-फाई कोरिडोर पर ही जोर दे रहे हैं। एनडीएमसी ने इसे मोतीबाग से कनॉट प्लेस तक शुरू किया है, ऐसे कोरिडोर के लिए शांतिपथ हमारी पहली कोशिश थी, फिर हमें महसूस हुआ कि हम पूरे शहर में हॉट-स्पॉट सीरीज का उपयोग करते हुए मुफ्त वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध करवा सकते हैं।’
ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा।


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