Wednesday, April 29, 2015

हैरतअंगेज: जब घास के बजाय मांस खाने लगी गाय!

गाय अगर घास खाने के बजाय अगर मांस खाने लगे तो आपका क्या रिएक्शन होगा! जी हां यह सच है। कीनिया में एक किसान की गाय ने घास-फूस छोड़कर बाड़े में खड़ी भेड़ों को खाना शुरू कर दिया है।

अंग्रेजी वेसबाइट दी टेलिग्राफ के मुताबिक, यह घटना कीनिया के दक्षिण-पश्चिमी नाकुरू काउंटी में रहने वाले किसान चार्ल्स मेमबोलियो के घर की है। उसके बाड़े में रहने वाली गाय उसके ही भेड़ों का मारकर खा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह गाय भेड़ की सींग मार-मारकर हत्या कर देती है और फिर उसे खा जाती है। गाय के व्यवहार में इस तरह का बदलाव आने से पहले मेमबोलियो उसे खाना-पानी देता था, लेकिन उसने वह नहीं खाया और भेड़ों को मारकर खाने लगी।

इस घटना के बाद गाय के भोजन की मात्रा बढ़ा दी, लेकिन उसका व्यवहार नहीं बदला। इस गाय द्वारा भेड़ों को मारकर खाने के पीछे का सही कारण तो पता नहीं चल पाया, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ऎसा असाधारण परिस्थितियों में होता है। ये वो परिस्थति होती है जब भोजन में पोषण की कमी हो। एक स्थानीय कृषि अधिकारी के मुताबिक कीनिया के इस इलाके में हाल ही सूखे का मौसम खत्म हुआ है और इसकी वजह से ज्यादातर जानवरों में हरी घास से मिलने वाले पोषक तत्वों की कमी हो गई है।

यहां बता दें कि 2007 में भारत के पश्चिम बंगाल में भी एक बछड़े द्वारा मुर्गियों को खाने की बात सामने आई थी।

कंप्यूटर की-बोर्ड के इन 12 कीज का यूज जानते हैं आप?

शशि भूषण, नई दिल्ली (22 अप्रैल):कंप्यूटर की-बोर्ड की सबसे ऊपरी लाइन में मौजूद Key की पूरी लाइन देखकर क्या आप भी कनफ्यूजन में रहते हैं कि इनका यूज क्या है? आपको बता दें किF1 से लेकर F12 तक की ये 12 कीज बड़े काम की हैं। इन कीज को 'फंक्शन की' कहते हैं। इनकी मदद से आप कंप्यूटर पर तेजी से काम कर सकते हैं।
जानिए, इन 12 कीज का यूज:

F1
- कंप्यूटर को स्विच ऑन करते ही यह की दबा देंगे तो कंप्यूटर का सेटअप (CMOS) खुल जाएगा, जिसमें सेन्सिटिव कंप्यूटर सेटिंग्स को देखा या बदला जा सकता है।
- अगर आपने विंडोज़ खोल लिया है, तो इस की को दबाने पर विंडोज हेल्प एंड सपोर्ट डायलॉग खुलेगा, जिसमें सामान्य समस्याओं के समाधान दिखाए गए हैं।
- अगर आप इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउजर में काम कर रहे हैं, तो यह की दबाने पर इस ब्राउजर का हेल्प पेज खुलेगा।
- क्रोम ब्राउजर में यही की दबाने पर गूगल क्रोम का हेल्प सेंटर खुल जाएगा।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कंट्रोल+F1 दबाने पर सॉफ्टवेयर फुल स्क्रीन मोड में चला जाएगा। फिर से दबाने पर दोबारा सामान्य हो जाएगा।

F2
- विंडोज में किसी फाइल, आइकन या फोल्डर पर क्लिक करने के बाद F2 दबाने पर उसे फौरन रीनेम किया जा सकता है।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कंट्रोल+F2 दबाने से प्रिंट प्रिव्यू पेज खुलेगा, जो दिखाता है कि आपका डॉक्युमेंट प्रिंट होने पर कैसा दिखेगा।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Alt+Control+F2 को दबाने पर फाइल ओपन डायलॉग बॉक्स खुल जाता है।

F3
- विंडोज में F3 दबाने से सर्च बॉक्स खुल जाता है, जिसका इस्तेमाल फाइलों या फोल्डरों को खोजने के लिए कर सकते हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Shift+F3 दबाने पर अंग्रेजी का सलेक्ट किया हुआ मैटर अपर केस या लोअर केस में बदला जा सकता है।
- माइक्रोसॉफ्ट डॉस या कमांड प्रॉम्प्ट विंडो में F3 दबाने पर पहले टाइप की गई कमांड दोबारा टाइप हो जाती है।

F4
- विंडोज एक्सप्लोरर (कंप्यूटर, माइ कंप्यूटर वगैरह) में इसे दबाने पर अड्रेस बार खुल जाती है। इंटरनेट एक्सप्लोरर में भी वेबसाइट का पता डालने के लिए अड्रेस बार खुलती है।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में यह कुंजी दबाने पर वही काम रिपीट हो जाएगा, जो आपने अभी-अभी किया था। अगर आपने कोई शब्द टाइप किया है, तो वह दोबारा टाइप हो जाएगा। टेबल बनाई है, तो एक और टेबल बन जाएगी। अगर कोई टेक्स्ट बोल्ड किया है तो वह फिर से सामान्य और फिर से बोल्ड हो जाएगा।
- Alt+F4 को दबाने पर वह सॉफ्टवेयर बंद हो जाएगा जो अभी खुला हुआ है।
- Control+F4 दबाने पर किसी सॉफ्टवेयर के भीतर खुली कई विंडोज में से मौजूदा विंडो बंद हो जाएगी। जैसे इंटरनेट एक्सप्लोरर में खुले कई टैब में से एक टैब बंद हो जाएगा या फिर वर्ड में खुले कई दस्तावेजों में से एक बंद हो जाएगा।

F5
- यह रिफ्रेश की के तौर पर काम करता है। विंडोज में कोई फोल्डर कॉपी होने के बाद दिखाई नहीं दे रहा, तो इसे दबाइए, दिखने लगेगा। इंटरनेट ब्राउजरों में दिख रहे वेब पेजों को रिफ्रेश या रिलोड करने के लिए यह बहुत इस्तेमाल होता है।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इसे दबाने पर Find and replace डायलॉग खुल जाता है।
- पावरपॉइंट में F5 दबाने पर स्लाइड शो चालू हो जाता है।
- माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में Shift+F5 दबाने पर Find and Replace सुविधा खुलती है।
- फोटोशॉप में इसे दबाने पर कई तरह के ब्रश सामने आ जाते हैं, जिनमें से अपनी पसंद का ब्रश चुना जा सकता है।

F6
- इसे दबाने पर विंडोज टास्कबार में खुले फोल्डरों की सामग्री दिखने लगती है।
- इंटरनेट ब्राउजर में इसे दबाने पर करसर अड्रेस बार में चला जाता है और आप फौरन वेब अड्रेस टाइप कर सकते हैं।
- अगर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कई डॉक्युमेंट खुले हैं, तो उन्हें एक-एक कर देखने के लिए Control+Shift+F6 का प्रयोग कर सकते हैं।

F7
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कोई दस्तावेज टाइप करने के बाद अगर F7 दबाएंगे, तो उसकी स्पेलिंग चेक होनी शुरू हो जाएगी।
- इंटरनेट एक्सप्लोरर में इसे दबाने पर कैरट ब्राउजिंग सुविधा शुरू हो जाती है, जिसका इस्तेमाल कीबोर्ड के जरिए वेब पेजों पर टेक्स्ट सलेक्ट करने, आगे-पीछे जाने आदि के लिए किया जा सकता है।

F8
- अगर कंप्यूटर को स्टार्ट करते समय इसे दबा देंगे, तो ऑपरेटिंग सिस्टम को खोलने के लिए उपलब्ध कई मोड दिखाई देंगे, जिनमें सेफ मोड और कमांड प्रॉम्प्ट भी शामिल हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Alt+F8 दबाने पर मैक्रो तैयार करने की सुविधा शुरू हो जाती है, जिसके जरिए बार-बार किए जाने वाले कामों को करने के लिए छोटे-छोटे स्थायी निर्देश रेकॉर्ड किए जा सकते हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में टेक्स्ट को सिलेक्ट करने के लिए F8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

F9
- माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक में ईमेल पाने-भेजने (सेंड-रिसीव) के लिए इसका इस्तेमाल करें।
- क्वार्क एक्सप्रेस में इसे दबाने पर मेजरमेंट टूलबार खुल जाता है।
- कुछ लैपटॉप में इसे दबाकर स्क्रीन की चमक (ब्राइटनेस) को कंट्रोल किया जा सकता है।

F10
- किसी सॉफ्टवेयर में काम करते हुए इस कुंजी को दबाने पर मेन्यू बार सक्रिय हो जाता है, जैसे आपने वहां क्लिक किया हो।
- Shift+F10 को एक साथ दबाने का ठीक वैसा असर होता है, जैसा माउस के राइट क्लिक का। किसी आइकन, फाइल या इंटरनेट एक्स्प्लोरर में किसी लिंक पर इन कुंजियों को दबाकर देखिए, कॉन्टेक्स्ट मेनू खुल जाएगा।
- Control+F10 का इस्तेमाल माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की विंडो का आकार घटाने-बढ़ाने (मिनिमाइज- मैक्सिमाइज) करने के लिए किया जा सकता है।

F11
- इंटरनेट एक्सप्लोरर, क्रोम आदि ब्राउजरों में फुल स्क्रीन को सक्रिय-निष्क्रिय करने के लिए इसे आजमाएं।
- Alt+F11 को दबाने पर माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के सॉफ्टवेयरों में विजुअल बेसिक कोड विंडो खुल जाती है, जिसका इस्तेमाल एक्सपर्ट यूजर करते हैं।

F12
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इसे दबाने पर Save As.. डायलॉग बॉक्स खुलता है।
- Shift+F12 से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का डॉक्युमेंट सेव हो जाता है।
- Control+Shift+F12 से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में खुला डॉक्युमेंट प्रिंट हो जाता है।

अर्थ डे' को समर्पित गूगल का डू़डल

बुधवार को अर्थ डे अर्थात पृथ्वी दिवस है। इस दिन ऊर्जा संरक्षण का संदेश देने के लिए दुनिया भर में रात आठ से नौ बजे तक बिजली रख कर अर्थ ऑवर मनाया जाता है। इस दिन की महत्ता को समझते हुए सर्च इंजन गूगल ने अपने होम पेज पर एक प्यारा सा डूडल बनाया। दुनिया के करीब 184 देशों में इस सन्देश को आगे ले जाने के लिए काम होता है। अर्थ डे एक सालाना आयोजन है, जो हर साल दुनियाभर में 22 अप्रैल को मनाया जाता है।

वैसे 22 अप्रैल का पृथ्वी से सीधे-सीधे कोई लेना-देना नहीं है। 1969 में सान्ता बारबरा (कैलिफोर्निया) में बड़े पैमाने पर बिखरे तेल से आक्रोशित विद्यार्थियों को देखकर अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेलसन के दिमाग में इस आक्रोश को पर्यावरणीय सरोकारों की तरफ मोड़ देने का ख्याल आया।

नेलसन, विसकोंसिन से अमेरिकी सीनेटर थे। उन्होंने इसे देश को पर्यावरण हेतु शिक्षित करने के मौके के रूप में लिया। उन्होंने इस विचार को मीडिया के सामने रखा। अमेरिकी कांग्रेस के पीटर मेकेडलस्की ने उनके साथ कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता की। डेनिस हैयस को राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया।

दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने छह वर्णो यानी 'जी', 'ओ', 'ओ', 'जी', 'एल', व 'ई' को पूरी तरह पर्यावरण के रंगों में रंग दिया। गूगल ने अपने दूसरे 'ओ' के स्थान पर नीले गृह यानी पृथ्वी को दर्शाया। यही नहीं उसे अपनी धुरी पर लगातार घूमते भी दिखाया। इसके अलावा गूगल के बाकी वर्णो में अंतरिक्ष, वनस्पतियों व अन्य वन्य जीव-जंतुओं को उकेरा।

ऑडी का कमाल, पानी से डीजल बनाने में मिली सफलता!

जर्मनी की कार बनाने वाली चर्चित कंपनी ऑडी ने पानी से ही डीजल बनाने में सफलता हासिल कर ली है। कंपनी ने इस डीजल को ऑडी ई-डीजल नाम दिया है। इसे गाड़ियों में फ्यूल के रूप में काम में लिया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Audi E-Diesel में सल्फर और ऐयरोमेटिक हाइड्रोकार्बन जैसे तत्व भी नहीं होते, जिससें यह पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचने वाला।

ऑडी ने ई-डीजल को बनाने का काम जर्मनी के ड्रेस्डेन स्थित अपने प्लांट में शुरू किया है। इस प्लांट में लिक्विड ईधन बनाने के लिए ग्रीन पावर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें पानी, हवा और कार्बन डाई ऑक्साइड शामिल है।

कैसे बन रहा है ई डीजल
-पानी को एक टैंक में गर्म कर उसे भाप में बदल दिया जाता है। इससे वह हाईड्रोजन और ऑक्सीजन के रूप में अलग हो जाता है।

-इसके बाद 2 फेज होते हैं, जिनमें हाइड्रोजन को कार्बन डाई ऑक्साइड के एक गर्म टैंक में से होकर गुजारा जाता है। इससे निकलने वाला पदार्थ लिक्विड के रूप में सामने आता है, जिसे अलग से एक दूसरे टैंक में इकट्ठा किया जाता है। इसे ब्लू क्रूड कहा जाता है।

-ब्लू क्रूड को पेट्रोल पंप में डाल दिया जाता है, जिसे कार के ईधन के रूप में काम में लिया जाता है।

-इस ई-डीजल को धरती से निकलने वाले डीजल में भी मिलाकर काम में लिया जा सकता है।

मलबे से जीवन ढूंढने में लगे हैं इनसान के 'सबसे वफ़ादार दोस्त'

भूकंप से बुरी तरह प्रभावित नेपाल में बचाव के काम में इनसान के सबसे 'वफ़ादार माने जाने वाले दोस्त' भी पूरी शिद्दत के साथ जुटे हुए हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं उन प्रशिक्षित कुत्तों की जिन्हें भारत, फ्रांस और स्पेन से विशेष तौर पर बचाव कार्य में लगाया गया है। इन कुत्तों को मलबे के नीचे दबे हुए जीवित लोगों को ढूंढ निकालने में महारत हासिल है।



भारत से एनडीआरएफ की टीमों के साथ खास तौर पर इस तरह के प्रशिक्षित कुत्तों को भी नेपाल लाया गया है।

फ्रांस और स्पेन से 15 लोगों की टीम छह प्रशिक्षित कुत्तों के साथ बचाव कार्य के लिए नेपाल पहुंची है।

गोल्डन रिट्राइवर और जर्मन शेपर्ड नस्ल के इन कुत्तों को मलबे के पास ले जाया जाता है तो इनकी सक्रियता तब देखते बनती है जब इन्हें किसी जीवित व्यक्ति के फंसे होने का आभास होता है।

इन कुत्तों को विमान पर लंबी हवाई यात्रा के दौरान लाते समय विशेष ध्यान बरता जाता है। इन्हें खास तौर पर बनाए गए सुविधाजनक केबिन्स में लाया जाता है जिससे लंबी हवाई यात्रा का इन पर असर ना पड़े।

पशुपतिनाथ को किसने बचाया? क्लिक कर शेयर करें अपनी राय

एक ओर भूकंप के झटकों ने लगभग आधे नेपाल को तबाह कर दिया। हजारों लोगों की मौत हो गई और सैंकड़ों की संख्या में लोग घायल हुये हैं। लेकिन भगवान भोले के पशुपतिनाथ मंदिर पर आंच तक नहीं आई। ठीक उसी तरह जैसे साल 2013 में आई बाढ़ केदरनाथ मंदिर का बाल भी बाका नहीं कर पाई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि...

Monday, April 27, 2015

कोलकाता: वाटर पार्क में महिलाओं के चेंजिंग रूम

कोलकाता के सबसे बड़े वाटर पार्क ‘एक्वाटिका’ में महिलाओं के चेंजिंग रूम में सीसीटीवी लगे होने के मामले में प्रबंधक समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मंगलवार को इस वॉटर पार्क में फॉरेंसिक एक्सपर्ट दौरा करेंगे.
दक्षिणी चौबीस परगना जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिजीत सिन्हा ने बताया कि ये गिरफ्तारियां रविवार रात की गईं. इससे पहले दिन में वाटर पार्क आने वाली और चेंजिंग रूम का इस्तेमाल करने वाली कुछ महिलाओं ने इस बारे में शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि चेंजिंग रूम और पार्क के विभिन्न हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों को जब्त कर लिया गया है.

पुलिस ने बताया, 'रविवार को मैनेजर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. इन्हें कोर्ट के सामने पेश किया गया और कोर्ट ने इन्हें सोमवार से चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. छह बाउंसर और एक अन्य कर्मचारी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया.'


पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए बाउंसर पर महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप हैं. वहीं, गिरफ्तार किया गया कर्मचारी कथि‍त रूप से चेंजिंग रूम में कैमरों को इंस्टॉल करने में शामिल था.

एक्वाटिका के सीईओ मंशु टंडन ने बताया, 'पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन हम यह बताना चाहते हैं कि जैसा कि कहा जा रहा है किसी तरह से भी निजता का उल्लंघन नहीं किया गया है, क्योंकि सीसीटीवी महिलाओं के चेंजिंग रूम में नहीं लगे थे.'

उन्होंने कहा कि पार्क में महिलाओं और पुरुषों के लिए दो अलग-अलग लॉकर्स और अलग-अलग चेंजिंग रूम हैं. हालांकि पार्क के अधिकारियों ने पुरुषों के लिए बने लॉकर्स और चेंजिंग रूम को बदलकर महिलाओं के लिए कर दिया था, क्योंकि महिलाओं के चेंजिंग रूम और लॉकर्स रूम में रेनोवेशन का काम चल रहा है.

उन्होंने बताया कि पुरुषों के लिए बने लॉकर्स रूम में सीसीटीवी कैमरे लगे थे और जब इस रूम को महिलाओं के लिए तय कर दिया गया तब भी ये कैमरे चलते रहे, क्योंकि कर्मचारी इन्हें बंद करना भूल गए थे.

टंडन ने कहा कि सीसीटीवी कैमरा करीब डेढ़ घंटे तक चलता रहा, लेकिन जब यह बात सामने आई तो इसे बंद कर दिया गया. यह घटना, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा गोवा के फैब इंडिया शोरूम के चेंजिंग रूम में सीसीटीवी कैमरा लगे होने की शिकायत किए जाने की घटना के कुछ ही दिन बाद हुई है.

बिनासकारी भुकम्प ने नेपाल और भारतमे हजारौ लोगौकी मौत

देश के कम से कम 38 शहर बेहद जोखिम वाले भूकंप क्षेत्र में स्थित हैं और देश का 60 फीसदी भौगोलिक हिस्सा भूकंप की चपेट में आ सकता है.
दिल्ली मेट्रो जैसे कुछ प्रोजेक्ट को छोड़ दिया जाए, तो शहरों की अधिकांश संरचना तेज भूकंप को झेलने में सक्षम नहीं है और ऐसे में इन शहरों में भूकंप आने पर बड़ी तबाही हो सकती है.




नेपाल में आए भूकंप का अंदाजा भूवैज्ञानिकों को पहले से ही था, जिन्होंने एशिया की में भारतीय उपमहाद्वीप के लगातार पड़ रहे दबाव के चलते हिमालयी क्षेत्र में और भी भूकंप आने की चेतावनी दी है.

भूकंप रोधी मकान के लिए बाध्यकारी निर्देश नहीं
भारतीय मानक ब्यूरो ने 1962 में पहली बार 'भूकंप रोधी डिजाइन के लिए भारतीय मानक शर्त' का प्रकाशन किया था, जिसमें ताजा संशोधन 2005 में किया गया है. इसकी सिफारिश के मुताबिक देश के कम ही मकान बने हुए हैं. ये मानक बाध्यकारी नहीं है. इसलिए किसी को पता नहीं है कि भूकंप-रोधी आवासीय मकान बनाने के लिए कोई दिशा-निर्देश है.

दिल्ली मेट्रो का स्ट्रक्चर भूकंप झेलने में सक्षम है और ऐसी कुछ ही संरचनाएं हैं. भुज में 2001 का भूकंप आने के बाद बने मकान इस मानक पर आधारित हैं.



महाराष्ट्र के लातूर में 1993 में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप में करीब 10 हजार लोग मारे गए थे, जबकि इस क्षेत्र को भूकंप वाला क्षेत्र नहीं माना जाता है. इस भूकंप में ज्यादातर लोग इसलिए मारे गए, क्योंकि मकानों की संरचना भूकंप झेलने के लायक नहीं थी. इसी वजह से गुजरात में भी लोग मारे गए थे.

38 शहरों के मकान भूकंप झेलने लायक नहीं
भारत सरकार ने अभी भूकंप क्षेत्र में पड़ने वाले 38 प्रमुख शहरों की सूची बनाई है. गृह मंत्रालय के लिए 2006 में संयुक्त राष्ट्र की ओर से तैयार की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है, 'इन शहरों के अधिकतर मकान भूकंप झेलने में सक्षम नहीं हैं. इसलिए इनमें से किसी भी शहर में भूकंप आने पर बड़ी तबाही हो सकती है.'

भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, भूखंड एक विशाल पट्टी पर तैरता है. ये पट्टियां लगातार खिसकती रहती हैं, जिससे भूकंप आते हैं. छोटे झटके हम महसूस नहीं कर पाते, लेकिन बड़े झटके हमें हिला देते हैं. हिमालय और उत्तर भारत खास तौर से भूकंप वाले क्षेत्र में पड़ता है. इंसान का अस्तित्व पैदा होने से बहुत पहले एक विशाल महाद्वीप गोंडवाना से टूटकर भारत अलग हुआ था.

भारतीय पट्टी उत्तर की ओर खिसकती हुई करीब 2000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यूरेशियन पट्टी से टकरा गई. इसी टकराव से हिमालय बना.

60 फीसदी हिस्से में आ सकता है भूकंप
भारत अब भी एशिया की मुख्य भूमि पर सालाना 5 सेंटीमीटर की दर से दबाव डाल रहा है. हाल में सबसे बड़ा भूकंप 2005 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आया था, जो भारत और यूरेशियाई पट्टी के टकराव के शीर्ष पर स्थित है. इस भूकंप में करीब 80 हजार लोग मारे गए थे.

भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर की ओर पड़ने वाले दबाव के कारण देश का 60 फीसदी हिस्सा भूकंप की चपेट में आ सकता है. गुजरात में 2001 में आए भूकंप में करीब 20 हजार लोग मारे गए थे. इसके बाद 2004 में सुनामी इसलिए पैदा हुई थी, क्योंकि भारतीय पट्टी और बर्मा पट्टी का जोड़दार घर्षण हुआ था. बर्मा पट्टी पर ही अंडमान निकोबार द्वीप स्थित है. इस घर्षण के कारण 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जो तीसरा सबसे भयानक भूकंप था.

इसके कारण धरती की सतह 100 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में टूट कर ऊपर उठ गई. इससे एक विशाल जल राशि में उछाल आया, जिससे पैदा हुई सुनामी में 14 देशों में करीब 2,30,000 लोग मारे गए.

दिल्ली जोन-4 में, मुंबई-कोलकाता जोन-3 में
अभी तक देश के प्रमुख शहर में बड़ा भूकंप नहीं आया है, लेकिन दिल्ली भूकंप जोन-4 में स्थित है. श्रीनगर और गुवाहाटी भूकंप क्षेत्र-5 में स्थित है. मुंबई, कोलकाता और चेन्नई भूकंप जोन-3 में स्थित है. ऐतिहासिक संकेतों के मुताबिक एक भयानक भूकंप कभी भी आ सकता है. यह सबक बिहार में 1934 और असम में 1950 में आए भूकंप से मिलता है.

बिहार के 1934 के 8.4 तीव्रता के भूकंप का केंद्र हिमालय से 10 किलोमीटर दक्षिण में था. इसका झटका मुंबई और ल्हासा तक महसूस किया गया था. इसमें बिहार के अधिकतर जिले के करीब सभी बड़े मकान धाराशायी हो गए थे. कोलकाता में भी कई मकान ध्वस्त हो गए थे. इस आपदा में 8,100 लोग मारे गए थे. इस पर महात्मा गांधी ने कहा था कि यह छुआछूत के पाप की सजा है.

भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, 1950 के असम के भूकंप ने हिमालय में एक बड़े भूकंप की जमीन तैयार कर दी है. इस भूकंप के बाद 65 साल बीत गए हैं और संभव है कि कोई विकराल भूकंप आने ही वाला हो.

Tuesday, April 21, 2015

फेसबुक यूज करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर

फेसबुक का इस्तेमाल करने से आपके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है या इसके लक्षण को और भी खराब कर सकता है। एक शोध के अनुसार में यह बात कही गई है। साथ ही शोध में फेसबुक को ध्यान से इस्तेमाल करने की बात भी कही गई है।
शोध में शामिल लोगों का कहना था कि फेसबुक प्रोफाईल होने से उनको अपनी पहचान बनाने में मदद मिलीं साथ ही मानसिक बीमारी से भी उभर पाए वहीं कुछ का कहना था कि फेसबुक का इस्तेमाल करने से उनकी हालत और भी खराब हुई।
एक कार्यक्रम में रिसर्चर कीलिन होवार्ड ने कहा कि फेसबुक का इस्तेमाल करने से या तो सि्थ्ित में सुधार आ सकता है या इसका बुरा असर पड़ सकता है।
यह रियर्च 20 लोगों पर 23 से 68 उम्र के बीच वालों पर किया गया जो शिकीजोफेरिनिया, बाईपोलर डीसआर्डर और डीप्रैशन और एनशाईटी जैसी बीमारी से गुजर चुकें हैं।
हलांकि, समय के साथ बहुत से लोग फेसबुक का बुद्दिमानी से इस्तेमाल करना भी सीखे।रिसर्च में शामिल सभी प्रतिभागियों ने अनुभव होने पर फेसबुक का इस्तेमाल बड़े अच्छे ढंग से किया।

लंच करने के बाद भूल कर भी ना करें ये गलतियां

क्‍या आप भी लंच करने के बाद तुरंत ठहलने के लिये निकल जाते हैं? अगर हां तो इसे तुरंत बंद कर दें। यह आपकी सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। ऐसे कई आदतें हैं जो लोग खाने के बाद अक्सर करते हैं।

एक्‍सपर्ट के मुताबिक हमें लंच करने के तुरंत बाद टहलना नहीं चाहिए। दोपहर को खाना खाने के बाद 15-20 मिनट तक आराम करना जरुरी है।

आइये जानते हैं कि लंच के बाद कई लोग क्‍या क्‍या गलतियां करते हैं , जिससे उनके हाजमें पर बुरा असर पड़ता है।

ब्रश करना-लंच करने के बाद ब्रश बिल्‍कुल नहीं करना चाहिये। अगर आपने कोई सिट्रस वाला आहार खाया है तो दांतों को ब्रश करने से दांतों की परत तुरंत उतर जाएगी, जिसे हम इनेमल कहते हैं।

बहुत ज्‍यादा पानी-पीना अगर आप खाना खाने के बाद बहुत ज्‍यादा पानी पीते हैं तो इससे आपका पाचन तंत्र प्रभावित होता है। इससे पेट की कई बीमारियां भी हो सकती हैं।


धूम्रपान करना-लंच करने के बाद शरीर का ब्‍लड सर्कुलेशन तेज होता है। पर जब उसके बाद आप धूम्रपान करते हैं उसका धुंआ आराम से आपके शरीर में घुस कर फेफड़ों और किडनियों को नुकसान पहुंचाता है।


वॉक पर जाना-लंच करने के सीधे बाद वॉक पर जाने से खाने का पोषण शरीर में अच्‍छी तहर से नहीं समा पाता।

हफ्ते में 50-60 घंटे काम करते हैं फेसबुक संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग

फेसबुक यूज़र्स के लिए मंगलवार को सुखद अनुभव रहा कि उन्हें फेसबुक संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग से सवालों के जवाब मिले। एक घंटे के Q&A सेशन में मार्क के जवाबों को बड़ी संख्या में लोगों ने लाइक किया। मार्क ने मशहूर पॉप गायिका शकीरा और वर्जिन ग्रुप के संस्थापक रिचर्ड ब्रैनसन जैसे सेलेब्रिटी समेत कुल 16 लोगों के सवालों के जवाब दिए।

मार्क ज़ुकरबर्ग से पूछा गया कि फेसबुक पर डिसलाइक बटन कब शुरू होगा तो उन्होंने इस सवाल की अनदेखी की। मार्क से एक सवाल किया गया कि वे हफ्ते में कितने घंटे काम करते हैं। इस पर उनका जवाब था- "अगर आप ऑफिस की बात कर रहे हैं तो मैं हफ्ते में 50 से 60 घंटे वहां रहता हूं। हां अगर आप काम पर फोकस के बारे में कहे तो उसे तो आप मेरा पूरा जीवन काल ही कह सकते हैं।" उनके निजी जीवन के संबंध में भी सवाल पूछे गए। किसी ने मार्क से यह पूछा कि वे अक्सर ग्रे कलर की शर्ट पहनते हैं, क्या दूसरे रंग उन्हें पसंद नहीं आते? किसी ने उनके कुत्ते के बारे में सवाल पूछा। मार्क से ये भी पूछा गया कि फेसबुक का भविष्य वो कैसा देखते हैं?

मशहूर गायिका शकीरा ने मार्क से सवाल किया, "आप हमें यह बतायें कि वंचित समुदाय के लोगों को शिक्षा देने के लिए टेक्नोलॉजी को किस तरह उपयोगी उपकरण की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है? इस सवाल का जवाब मार्क ने दिया- "यह सवाल पूछने के लिए आपका धन्यवाद। मैं व्यक्तिगत सीखने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। तकनीक का इस्तेमाल अगर व्यक्तिगत शिक्षा के लिए हो, तो बहुत अच्छा रहता है। आजकल कई ऐसे महान स्कूल हैं, जहां टेक्नोलॉजी के जरिये अलग तरह की शिक्षा देने की कोशिश हो रही है। मैं खुद भी इसके लिए प्रयासरत हूं। फेसबुक के जरिये भी सॉफ्टवेयर ऐसे टूल के निर्माण में मदद कर रहा है।"

रिचर्ड ब्रैनसन ने मार्क से यह सवाल किया- "दुनिया के वैसे दो तिहाई लोग जिनके पास इंटरनेट की पहुंच नहीं है, उनके साथ संबंध बनाना कितना कठिन है? इस संबंध में मैं आपकी राय जानना चाहता हूं?"

मार्क ने जवाब में लिखा, "आज जब हम बात करते हैं पूरी दुनिया को जोड़ने की, तो लोग उनके फायदे शिक्षा, स्वास्थ्य और कैरियर से जोड़कर देखते हैं। लेकिन एक चीज को हम भूल जाते हैं और चर्चा में उसपर ध्यान नहीं देते हैं कि जो पहले से कनेक्टेड है वह दूसरों के साथ जुड़ने का फायदा उठा रहे हैं। जरा उनके बारे में सोचें, जिनके पास पूरी दुनिया को बदलने के लिए महान विचार और आइडिया हैं। अगर हम जनसंख्या को पैमाना मानें, तो ऐसे लोगों की दो तिहाई आबादी के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, लेकिन जैसे ही वे कनेक्टेड होंगे, पूरी दुनिया को इसका फायदा मिलेगा।"

ट्रेन है या विमान! एक घंटे में 603 किमी की रफ्तार

क्या ऐसा संभव हो सकता है कि दिल्ली और मुंबई के बीच 1400 किलोमीटर की दूरी को ट्रेन के ज़रिए सिर्फ सवा दो घंटे में नाप दिया जाए। आप कहेंगे, दोनों शहरों के बीच की दूरी तो इतने वक्त में विमान से तय होती है। लेकिन जनाब ट्रेन के ज़रिए भी इतनी दूरी नापना संभव है। दुनिया की सबसे तेज़ रफ्तार मैग्लेव ट्रेन ने मंगलवार को जापान में 603 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़कर सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह टेस्‍ट रन टोक्यो और सेंट्रल सिटी नागोया के बीच मैग्‍लेव ट्रेन चलाने के लिए किया गया। यह सेवा 2027 तक शुरू करनी है। टोक्‍यो और नागोया के बीच की दूरी 280 किलोमीटर है। इससे दोनों शहरों के बीच 280 किलोमीटर की दूरी घटकर 40 मिनट रह जाएगी। अभी इसमें 80 मिनट से ज्यादा वक्त लगता है। जापान इस प्रोजेक्ट पर 100 अरब डॉलर खर्च कर रहा है।

मैग्‍नेटिक पावर से ट्रैक से दस सेंटीमीटर ऊपर रह कर चलने वाली इस ट्रेन का टेस्ट रन टोक्यो के दक्षिण में लगभग 80 किमी दूर माउंट फिजी के पास किया गया।

जापान में इस तकनीक पर पिछले 10 साल से काम हो रहा है। मेग्लेव ट्रेन सामान्य तौर पर 400 से 500 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से चलाई जा सकती हैं। पूरी तरह इलेक्ट्रोमेग्नेटिक सस्पेंशन पर काम करती है। इसमें कोई इंजन नहीं होता। इंजन की जगह एक कंट्रोल सिस्टम होता है। यह मैग्नेटिक ट्रैक और मैग्नेटिक गाइडेड दीवारों के सहारे ऑपरेट होता है। मैग्नेटिक ट्रैक और मैग्नेटिक गाइडेड वॉल ट्रेन के डिब्बों को हवा में 1 से 4 इंच तक ऊपर उठा देती हैं। इससे मेग्लेव ट्रेन में आम ट्रेनों की तरह फ्रिक्शन नहीं होता। फ्रिक्शन नहीं होने से ट्रेन की रफ्तार बढ़ती चली जाती है। ट्रेनों के आसपास गाइडेड दीवारों में इस तरह का मैग्नेटिक फील्ड तैयार होता चला जाता है कि ट्रेन आगे बढ़ जाती है।

बोइंग-777 विमान की अधिकतम रफ्तार 562 मील/घंटा या 905 किमी/घंटा होती है। मैग्लेव ट्रेन ने बोइंग की दो तिहाई रफ्तार तो मैग्नेटिकट ट्रैक पर हासिल कर ली है।

मंगलवार का दिन सलमान खान के लिए अहम

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के लिये कल (21 अप्रैल) का दिन खासा महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस 13 साल पुराने हिट एंड रन मामले में मंगलवार को कोर्ट अपना फैसला सुनायेगी।

दरअसल, सलमान पर आरोप है कि 28 सितंबर साल 2002 को अपनी लैंड क्रूजर गाड़ी से अपने घर बांद्रा लौट रहे थे। रात करीब दो बजे अमेरिकन बेकरी के पास सलमान की तेज रफ्तार गाड़ी ने फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया, जिसमें से एक शख्स की मौत हो गई। जबकि चार अन्य लोग घायल हुये थे।

अभियोजन पक्ष का दावा है कि हादसे के वक्त सलमान ही गाड़ी चला रहे थे और नशे में थे। हालांकि, सलमान ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। उधर, उनके ड्राइवर अशोक सिंह ने कोर्ट में बयान दिया कराया कि वारदात के दिन गाड़ी सलमान नहीं वो खुद ही चला रहे थे।

सलमान पर आरोप :-

हिट एंड रन मामले में अभियोजन पक्ष ने दो दर्जन से अधिक गवाहों को कोर्ट में पेश किया है। उधर, बचाव पक्ष ने केवल एक गवाह ही पेश किया। सलमान का ड्राइवर अशोक सिंह की गवाही खासी अहम है।

बॉलीवुड एक्टर पर आरोप है कि उसने अपनी टोयोटा लैंड क्रूजर को 28 सितम्बर 2002 को बांद्रा में एक बेकरी में घुसा दी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य जख्मी हो गये थे। सलमान पर ‘गैर इरादतन हत्या’ के आरोप लगे हैं। कानून के जानकारों के मुताबिक, ऐसे मामलों में दस वर्ष कैद तक की सजा हो सकती है।

'खून का नमूना सलमान का नहीं'

अभिनेता सलमान के वकील ने घटना के समय नशे में होने के दावे को खारिज कर दिया। दरअसल, अभियोजन पक्ष का आरोप था कि सलमान शराब के नशे में गाड़ी चला रहे थे। वकील ने दावा किया कि जांच के लिए भेजे गये खून के नमूने सलमान के थे ही नहीं।

'सलमान ही कार चला रहे थे'

'हिट एंड रन' में बचाव पक्ष का दावा है कि हादसे के वक्त उनका ड्राइवर टोयोटा लैंड कू्रजर चला रहा था। लेकिन, अभियोजन पक्ष का दावा है कि हादसे के वक्त सलमान ही ड्राइविंग सीट पर बैठे थे।

खुशखबरी! मारुति आल्‍टो की कीमत पर मिलेगी यह शानदार कार

अगर आप हाल ही में छोटे बजट की कार खरीदने की सोच रहे हैं और आपका बजट इसकी इजाजत नहीं दे रहा है तो शायद यह खबर आपके लिए खुशखबरी लेकर आ सकती है। जापान की कार निर्माता कंपनी निसान डटसन भारतीय बाजार में सस्‍ती कार लाने जा रहा है।


खबर के अनुसार, मारुति को टक्‍कर देने के लिए डटसन ने एक छोटी और सस्‍ती कार बाजार में पेश की है जिसकी कीमत 2.5 लाख रुपये हो सकती है। यह कार रेनो-निसान अलायंस वाले सीएमएफ-ए प्लेटफॉर्म पर बनी है। इसमें बॉडी डिजाइन डटसन रेडी-गो कंसेप्ट वाला दिया गया है। भारत में यह कार मारुति अल्टो तथा ह्युंडई जैसी कारों को चुनौती देगी।
निसान डटसन की यह कार भारत में ही तैयार की जा रही है। लोकल पार्टस और कंपोनेंट्स काम में लिए जाने के कारण इसकी कीमत कम होगी। कंपनी के मुताबिक इसे रेनो-निसान अलायंस की चेन्नई स्थित मैन्युफेक्चरिंग प्लांट पर ही बनाया जा रहा है। निसान के मुताबिक, भारतीय बाजार में ये कार अगले 18 महीनों में उपलब्ध होगी। फिलहाल इसकी टेस्टिंग की जा रही है। कंपनी ने निसान डटसन रेडी गो का डिजाइन हाल ही में पेश किया है। साथ ही एक कार तैयार की गई है।

डटसन की इस छोटी कार का बेसिक मॉडल केवल 4 हजार डॉलर यानि तकरीबन 2.5 लाख रुपए में उपलब्ध करवाया जाएगा, जबकि इसका टॉप मॉडल 5 हजार डॉलर यानि 3 लाख रुपए में उपलब्ध होगा।

Monday, April 20, 2015

व्हाट्सएप के इस मैसेज को क्लिक ना करें

यदि आपको भी आपके फोन में मौजूद इंस्टेंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप पर कॉलिंग फीचर को इस्तेमाल करने आ मैसेज आ रहा है तो कृप्या इसे ना खोलें। यह महज एक धोखा है।
हाल ही में मिली एक सूचना के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप यूजर्स को व्हाट्सएप के फ्री कॉलिंग फीचर को उपयोग करने के लिए मैसेज के द्वारा निमंत्रण भेजा जा रहा है। यह कंपनी द्वारा भेजा जा रहा कोई आधिकारिक मैसेज नहीं बल्कि कुछ हैकर्स द्वारा भेजा रहा मालवेयर यानी कि एक प्रकार का वायरस है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक यदि मैसेज में भेजे गए लिंक पर आप क्लिक करते हैं तो यह लिंक आपको एक वेबसाइट पर ले जाएगा। इस वेबसाइट पर आपको एक सर्वे पूरा करने का न्योता दिया जाएगा, लेकिन इसमें भी एक गड़बड़ी है। इस सर्वे के जरिये यह वेबसाइट आपको विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने को कहती है जो हानिकारक मालवेयर से युक्त हैं।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि अभी तक आधिकारिक तौर पर व्हाट्सएप द्वारा अपना फ्री कॉलिंग फीचर यूजर्स को मुहैया नहीं कराया गया है। हां यह फीचर पिछले महीने ही कुछ यूजर्स तक जरूर पहुंचाया गया था लेकिन कंपनी ने उसे केवल टेस्टिंग का जरिया बनाते हुए प्रदान किया था।
फिलहाल अभी यह फीचर किसी भी भारतीय व्हाट्सएप यूजर को नहीं मिला है। कंपनी द्वारा भी इस फीचर को कब तक भारत में प्रदान कर दिया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं मिली है।
दिल्ली पुलिस की ‘हिम्मत’ अब व्हाट्सएप, हाइक पर
अभी कैसे पाएं व्हाट्सएप कॉलिंग फीचर

बाजार में आने वाले हैं माइक्रोसॉफ्ट के दो जबरदस्त फोन

बजट स्मार्टफोन के व्यापार में माइक्रोसॉफ्ट ने एक नया कदम बढ़ाते हुए दो नए डिवाइस की घोषणा की है। ये हैं माइक्रोसॉफ्ट लूमिया 640 और 640 XL। कंपनी ने इनकी घोषणा बार्सिलोना में हुए 'वर्ल्ड मोबाइल कांग्रेस 2015' में की है।
चलिए हम आपको बताते हैं कि इन दोनों फोन्स में कंपनी ने इस बार क्या नया किया है। दोनों फोन्स में कुछ खूब ऐसी हैं जो दोनों में कॉमन हैं। दोनों डिवाइस देखने में अच्छे लगते हैं और दोनों ही फोन्स का डिज़ाइन भी अच्छा है। लूमिया 640 8.8mm चौड़ा है और इसका वजन 145 ग्राम है जबकि लूमिया 640 XL 9mm चौड़ा है और लूमिया 640 से 25 ग्राम ज्यादा भारी है। साथ ही यह फोन डूअल सिम भी है।

माइक्रोसॉफ्ट 640 में 5 इंच का IPS डिस्प्ले है जिसका रिज़ॉल्यूशन 720 पिक्सल है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट 640 XL में 5.7 इंच का डिस्प्ले है जिसका रिजॉल्यूशन 720p है। दोनों डिवाइसेस में गोरिल्ला ग्लास 3 प्रॉटेक्शन दिया गया है। दोनों फोन में ही 1.2GHz quad-core Snapdragon प्रोसेसर, 1GB RAM दिया गया है।

माइक्रोसॉफ्ट 640 और 640 XL दोनों को ही विंडोज 10 तक अपग्रेड किया जा सकता है। साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का 365 का एक साल का सब्सक्रिप्शन है। दोनों फोन में 8 GB का इंटरनल स्टोरेज है जिसे 128 GB तक बढ़ाया जा सकता है।

हां, एक खास बात कैमरे से जुड़ी हुई। माइक्रोसॉफ्ट 640 XL के कैमरे में एक बड़ा अपग्रेड किया गया है। इसमें है 13MP का बैक कैमरा कार्ल जीस ऑप्टिक्स के साथ और 5 MP का फ्रंट कैमरा जबकि दूसरे फोन, माइक्रोसॉफ्ट 640 में पहले की ही तरह 8मेगापिक्सल का बैक कैमरा और 1मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसकी बैटरी लाइफ काफ़ी अच्छी है। माइक्रोसॉफ्ट ने 640 में 2500 mAh की बैटरी और 640 XL में 3000 mAh बैटरी रखी है।

अगर आप फोन के रंगों को लेकर काफी एक्सपेरिमेंटल मूड में रहते हों तो आपको इसमें चुनने के लिए कई रंगो के विकल्प मिलेंगे। जैसे, ऑरेंज, ब्लैक, मैट वाइट, ग्लॉसी वाइट। अब अगर कीमत की बात करें तो माइक्रोसॉफ्ट के लूमिया 640 की कीमत है लगभग 10,000 रुपए जबकि माइक्रोसॉफ्ट 640 XL की कीमत लगभग 13,000 रुपए है।

यूएसबी टाइप-सी पोर्ट के साथ आएंगे एंड्रायड फोंस

गूगल ने हाल ही में यूएसबी टाइप-सी क्रोमबुक पिक्सल 2015 लांच किया था और उसके साथ यूएसबी टाइप-सी पोर्ट को भी फ्यूचर पोर्ट के रूप में दिखाया गया था। क्रोमबुक और नया एपल मैकबुक पहले ऐसे डिवाइसेज हैं जो नये पोर्ट को सपोर्ट करते हैं।
क्रोमबुक पिक्सल में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट के बाद अब गूगल अपने फ्यूचर के एंड्रायड डिवाइसेज में इसी पोर्ट के सपोर्ट का इशारा दे रहा है जो माइक्रो-यूएसबी पोर्ट की जगह लेगा।
यूएसबी टाइप-सी कनेक्टर न केवल यूएसबी 3.1 से मैच होने वाला उच्च कोटि का डाटा ट्रांसफर स्पीड मुहैया कराएगा बल्कि रिवर्सिबल प्लग भी उपलब्ध करेगा जो सही पोर्ट में प्लग लगाने के आपके कीमती समय को भी बर्बाद होने से बचाएगा।
नये क्रोमबुक पिक्सल में यूएसबी टाइप-सी के काम की कार्यशीलता को दिखाने के लिए गूगल के एडम रोड्रिग्ज ने एक वीडियो में कहा है, ‘हम जल्द ही भविष्य में एंड्रायड व क्रोमबुक में यूएसबी टाइप-सी की विशेषताएं देख सकेंगे।‘
एपल का नया मैकबुक भी ऐसा ही यूएसबी पोर्ट का उपयोग कर रहा है जो क्रोमबुक पिक्सल के साथ आया है। यूएसबी टाइप-सी पोर्ट जल्द ही कॉमन कनेक्टर बन जाएगा। इस वर्ष के खत्म होने से पहले ही ज्यादातर डिवाइसेज में टाइप-सी पोर्ट होगा।

फ्री वाई-फाई के लिए ‘आप’ मांग रही आपका सुझाव

अपने बड़े चुनावी वादों में से एक दिल्ली में ‘मुफ्त वाई-फाई’ को लागू करने के लिए आप सरकार 10 सवालों के सेट के साथ आया है जिसमें पब्लिक के सुझाव मांगे जा रहे हैं।
आप सरकार की सलाहकार समिति, दिल्ली डायलॉग कमिशन (डीडीसी) जिसके हेड मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं, ने ट्विटर पर 10 सवालों का सेट तैयार किया है जिसमें पब्लिक के सुझाव मांगे जा रहे हैं। टेलीकॉम इंडस्ट्री के एक्सपर्ट के साथ पहले राउंड के विचार विमर्श के बाद डीडीसी ने ये 10 सवाल तैयार किए हैं।
प्रत्येक सवालों के लिए डीडीसी सुझाव, विचार व सिफारिशें ddc.delhi@gov.in पर इमेल और व्हाट्सएप हेल्पलाइन +919643327265 के जरिए निमंत्रित कर रही है। प्रत्येक सवाल का रेस्पांस 200 शब्दों में होना चाहिए।

जल्‍द ही वाई-फाई से लैस होगी दिल्‍ली, एनडीएमसी ने शुरू किया प्रोजेक्‍ट

आप सरकार की योजना के साथ नई दिल्ली नगर निगम ने अपनी निगरानी में पूरे क्षेत्र को फ्री वाई-फाई जोन में बदलने का निर्णय लिया है, और इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है।
सिविक एजेंसी ने अपने एरिया में मौजूद 18,500 स्ट्रीट लाइट पोल्स को नेक्स्ट जेन डिजिटल पोल से बदलने की योजना बनायी है, जिसे वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट्स, एलइडी बल्ब और सीसीटीवी कैमरे के साथ लैस किया जा सके।
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग की मौजूदगी में एनडीएमसी ने इस प्रोजेक्ट के लिए इंडस टावर्स लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया है।
पीपीपी मोड पर इस प्रोजेक्ट को लाने का खर्च 220 करोड़ रुपये का आंका जा रहा है जो तीन वर्ष में पूरा किया जाएगा।
एनडीएमसी चेयरमैन जलज श्रीवास्तव ने बताया, ‘हम रोडसाइड आधारित वाई-फाई कोरिडोर पर ही जोर दे रहे हैं। एनडीएमसी ने इसे मोतीबाग से कनॉट प्लेस तक शुरू किया है, ऐसे कोरिडोर के लिए शांतिपथ हमारी पहली कोशिश थी, फिर हमें महसूस हुआ कि हम पूरे शहर में हॉट-स्पॉट सीरीज का उपयोग करते हुए मुफ्त वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध करवा सकते हैं।’
ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा।

बस टच करने से ही अनलॉक हो जाएगा आपका फोन

गूगल एंड्रायड के स्मार्ट लॉक में नया फीचर जोड़ने जा रहा है जो आपको अपने फोन को अनलॉक करने के लिए पासवर्ड के झंझट से निजात दिलाएगा। गूगल अभी नये स्मार्ट लॉक मोड फीचर ‘ऑन-बॉडी डिटेक्शन’ पर काम कर रहा है। यह फीचर फोन के एक्सेलरोमीटर का उपयोग करता है जिससे डिवाइस यूजर के टच या मूवमेंट का पता बता सकता है। जब डिवाइस किसी तरह के टच या मूवमेंट को ट्रेस नहीं करेगा ऑटोमैटिक ही लॉक हो जाएगा। यदि आप इसे अनलॉक करते हैं तो यह तब तक दोबारा लॉक नहीं होगा जब तक आप इसे पकड़े रहेंगे या जेब में रखेंगे और जैसे ही आप इसे नीचे रखते हैं यह तुरंत ही लॉक हो जाएगा।
इसका फायदा यह होगा कि जब कहीं आप अपना फोन रख भूल जाते हैं तो यह लॉक हो जाएगा जिससे आपका डाटा कोई एक्सेस नहीं कर सकेगा। यहां यह स्पष्ट है कि इसे अनलॉक यूजर ही कर सकता है।
हालांकि यदि आप किसी और के हाथ में अनलॉक कर अपना फोन देंगे तो यह इसी मोड में रहेगा यानि अनलॉक ही रहेगा। इसका मतलब यह फीचर यूजर के विशेष टच को नहीं पहचान सकता है इसलिए सावधानी की भी जरूरत है। यह केवल यह जानता है कि इसे जेब में रखा गया, या किसी ने अपने हाथों में पकड़ा हुआ है।
यह फीचर एंड्रायड 5.0.1 पर चलने वाले नेक्सस 4 पर देखा गया था पर अब यह काफी सारे डिवाइसेज पर मौजूद है जिसमें ज्यादा नेक्सस सीरीज के डिवाइस हैं। यह फीचर एंड्रायड 5.1 से नहीं जुड़ा है लेकिन इस फीचर के लिए डिवाइस पर 5.0 होना जरूरी है।

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